बाइपोलर विकार
मूड में बदलाव पहचानें और सहयोग के साथ स्थिर दिनचर्या बनाएँ।
संक्षेप में
बाइपोलर विकार में मूड, ऊर्जा, नींद, सोच और गतिविधि में साधारण उतार-चढ़ाव से अधिक तेज़ बदलाव हो सकते हैं। अवसाद के दौर में भारीपन और निराशा आ सकती है, जबकि हाइपोमैनिया या मैनिया में बहुत ऊर्जा, तेज़ विचार, आवेगपूर्ण फैसले या नींद की कम जरूरत दिख सकती है। थेरेपी दवाओं या चिकित्सा देखभाल के साथ मिलकर मूड-पैटर्न समझने और चेतावनी संकेत जल्दी पहचानने में मदद करती है।
थेरेपी कैसे मदद करती है
थेरेपी स्थिरता, समझ और रोकथाम पर केंद्रित होती है। इंटरपर्सनल एंड सोशल रिदम थेरेपी, CBT, मूड-ट्रैकिंग, नींद व दिनचर्या की योजना, और परिवार के लिए संवाद-कौशल के जरिए हम बदलाव शुरू होने पर स्पष्ट कदम तैयार करते हैं।
आम संकेत और लक्षण
आप इनमें से एक या अधिक लक्षण महसूस कर सकते हैं:
विशेषज्ञ थेरेपिस्ट
बाइपोलर विकार में विशेषज्ञ हमारे लाइसेंस प्राप्त और अनुभवी काउंसलर।
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